डीमैट अकाउंट एक प्रकार का बैंक खाता है, जिसमें आप अपने शेयर सर्टिफिकेट और अन्य सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक रूप में संग्रहीत कर सकते हैं। डीमैट अकाउंट का पूरा नाम डिमैटेरियलाइजेशन अकाउंट है। इस खाते में आप शेयर, बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस और ईटीएफ जैसी निवेश योजनाओं को आसानी से रख सकते हैं।
आज इस लेख में जानेंगे की डीमैट अकाउंट के क्या फायदे है और आप किस तरह से इसके साथ आसानी से शेयर मार्केट में निवेश कर सकते है (invest in share market in hindi) |
डीमैट अकाउंट क्या है?
यह एक डिजिटल किर्याशील (Functional) खाता होता है जिसका उपयोग डीमैटरियलाइज्ड (Dematerialised) सिक्योरिटीज को रखने के लिए करते हैं जिसमे स्टॉक्स (Stocks), म्यूच्यूअल फंड्स(Mutual Funds), बांड्स (Bonds), एक्सचेंज ट्रेडेड फण्ड (ETF ) अन्य शामिल है।
यह दस्तावेज से जुड़े काम (Documentation) और आपके संवेदनशील डाटा की सुरक्षा से जुड़े परेशानी को कम करता है। इसके अलावा जब आपकी संपत्ति डीमैटरियलाइज्ड (Dematerialised) हो जाती है, आप धोखेधड़ी के नुकसान के विरुद्ध आप अधिक सुरक्षा पा सकते हैं।
डीमैट अकाउंट के लाभ
- शेयरों को जल्दी और बिना किसी परेशानी के ट्रांसफर करें
- सुरक्षित तरीके से सिक्योरिटीज को ऑनलाइन स्टोर करने का लाभ
- सिक्योरिटी सर्टिफिकेट से चोरी, फर्जी, नुकसान से बचने का तरीका
- ट्रेडिंग की गतिविधियों को आसानी से ट्रैक करने का फायदा
- कभी भी, कहीं भी अपना अकाउंट चेक करने का फायदा
- दोस्तों को शेयर में जोड़ने का तरीका
- बोनस स्टॉक, राइट्स इश्यू, स्प्लिट शेयरों का स्वतंत्रता से क्रेडिट होने का फायदा
- अच्छी तरह से अपने निवेश को ट्रैक करने के लिए स्टॉक मार्गिन, प्रॉफिट लॉस स्टैटस जैसी सुविधाएँ
- आपकी वित्तीय हेल्थ की निगरानी करने के लिए विभिन्न रिपोर्ट्स और स्टैटस उपलब्ध कराने का फायदा
- टैक्स स्लिप्स, खाता संक्षेप, और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज को आसानी से एक स्थान से पहुंचाने का फायदा
तो डीमैट अकाउंट कैसे खोले (demat account kaise khole) और क्यों खोले उससे पहले जानते है कुछ फायदे,
1. दस्तावेजों के नुकसान का कम जोखिम
भौतिक बांड्स (Physical Bonds) और शेयर्स में कागजात के खोने की सम्भावना ज्यादा रहती है। यदि आप कोई भौतिक आपदा (Natural Disaster) का सामना करते हैं, जिससे आपको कहीं और जाना पड़ता है और इस वजह से आप भौतिक (Physical) शेयर्स खो भी सकते हैं।
इसलिए ऑनलाइन प्रारूप में शेयर को जमा करना बहुत बेहतर रहता है क्योंकि यह आपको अपने शेयर का स्थायी रिकॉर्ड अपने पास रखने में सक्षम बनाता है।
2. धोखाधड़ी से बचना (Avoiding Forgery)
भौतिक (Physical) बांड्स और शेयर्स के मामले में, धोखे से जुड़े जोखिम काफी ज्यादा रहते हैं। लेकिन जब एक डीमैट अकाउंट को बिना कागजात के संचालित(Operate) करने की बात आती है, आपके पास आपके रिकॉर्ड में सभी जरुरी जानकारी और विश्वशनीय डाटा होते हैं, जिससे जालसाजी या प्रतिरूपण (Impersonation) को रोका जा सके।
3. लोन की सुविधा
अपने बचत (Savings) के लिए सिक्योरिटी डिपोसिट के अलावा, आप अपने द्वारा खोले गए डीमैट खाते में रखी गई सिक्युरिटीज के माध्यम से विभिन्न बैंक लोन तक प्रवेश (Access) कर सकते हैं। आपको बैंक से लोन प्राप्त करने के लिए सिक्युरिटीज को संपार्श्विक (collateral) के रूप में गारंटी दी जा सकती है।
4. कम लागत (Cost-Effective)
ऑनलाइन लेनदेन के स्पष्ट लाभों में से एक लागत में कमी (Cost Reduction) है। इसी तरह यदि आप ऑनलाइन एक डीमैट खाता खोलते है, तो यह आपको स्टाम्प ड्यूटी और भौतिक (Physical) बांड के लिए आवश्यक अन्य हैंडलिंग शुल्क जैसे खर्चों को कम कर सकता है।
एक डीमैट खाते में एकमात्र शुल्क ब्रोकरेज देना पड़ता है। यहाँ पर अगर आप एक सही स्टॉकब्रोकर का चयन करते है तो आप काफी शुल्क से मुक्त हो ज़्यादा से ज़्यादा बचत कर सकते है।
5. समय की बचत
डीमैट खाते का उपयोग करके शेयर खरीदने और बेचने का समय न्यूनतम है। इसलिए, इस मामले में शेयरों की तरलता (liquidity) आसान है।
ऑनलाइन लेनदेन को काफी कम समय में संसाधित (processed) किया जाता है क्योंकि सिक्योरिटीज को एक डीमैटरियलाइज्ड (dematerialised) रूप में जमा किया जाता है। इस तरह आप डीमैट अकाउंट के माध्यम से ज़्यादा से ज़्यादा ट्रेड कर सुरक्षित तरीके से शेयर्स को बेच और खरीद सकते है।
6. आसान ट्रैकिंग
डीमैट अकाउंट खोलने से आपके भौतिक दस्तावेजों (Physical Documents) की संख्या शून्य रहती है।
इससे आप आसानी से सभी दस्तावेजों को ट्रैक कर सकते हैं।
7. डीमैट सिक्योरिटीज पर कोई टीडीएस नहीं
करदाताओं (Taxpayers) के मुद्दों में से एक स्रोत (Source) पर TDS या कर (Tax) कटौती है।
जब आप डीमैट अकाउंट से भुगतान (Payment) करते हैं तो The Central Board of Direct Taxes (CBDT) ने स्रोत (Source) पर कर (Tax) कटौती (TDS) से छूट दी है।
इसके अलावा, आपके बांड (Bond) और प्रतिभूतियों (Securities) पर प्राप्त ब्याज पर कोई टीडीएस(TDS) नहीं काटा जाएगा। जब आप ऑनलाइन डीमैट खाता खोलते हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपकी प्रतिभूतियां (Securities) डीमैट मोड में सहेजी गई हैं और NSE और BSE पर सूचीबद्ध(Listed) होनी चाहिए।
8. वैश्विक निवेश (Global Investment )
डीमैट खातों के प्रसार के साथ वैश्वीकरण (Globalisation) को भी काफी प्रोत्साहित किया जाता है। विदेशी निवेशकों(Foreign Investor) को इन खातों के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार तक आसानी से पंहुचा दिया जाता है जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को लाभ होता है।
निष्कर्ष
यदि आप शेयर बाजार में निवेश करने जा रहे हैं तो आपके लिए डीमैट अकाउंट से जुड़े लाभ के बारे में भी जानना ज्यादा जरुरी हो जाता है। डीमैट से आपके सारे दस्तावेज सुरक्षित रहते हैं, आप ट्रेडिंग से जुड़े धोखाधड़ी के नुकसान से भी राहत मिलती है इससे आप आसानी से लोन भी ले सकते हैं।
और ऑनलाइन ट्रेडिंग से समय की काफी बचत होती है। आप आसानी से शेयर्स को ट्रैक कर सकते हैं।
यदि आप भी शेयर बाजार की यात्रा शुरू करना चाहते हैं, आज अपना डीमैट खाता खोलें।



