शेयर मार्केट क्या है?
शेयर बाजार एक ऐसा केंद्रीकृत मंच है जहाँ विभिन्न कंपनियों के शेयरों का व्यापार होता है। यहाँ पर खरीदार और विक्रेता अपने व्यापारिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आते हैं, जो उनके लिए ऑफ़लाइन या ऑनलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध होते हैं। इसके अलावा, यदि व्यक्ति ऑफ़लाइन व्यापार करता है, तो उसे अपने ट्रेडों को पंजीकृत ब्रोकर के माध्यम से रखना पड़ता है।
शेयर मार्केट के प्रकार
शेयर मार्केट दो तरह के होते हैं।
- प्राइमरी शेयर मार्केट- जो कंपनियां पहली बार प्राइवेट से पब्लिक की तरफ आती हैं वो अपने आप को शेयर मार्केट के प्राइमरी मार्केट में खुद को लिस्टेड करती हैं। इसके लिए कंपनी मार्केट में इनीशिएल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाती है।
- सेकेंडरी शेयर मार्केट- इसे रेगुलर मार्केट के तौर पर जाना जाता है। यहां रेगुलर बेसिस पर शेयरों की खरीद-बिक्री होती है।
यदि आपने शेयर मार्केट में निवेश करने की योजना बना ली है तो आपको नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के बारे में भी पता होनी चाहिए।
BSE और NSE क्या है?
भारत में मुख्य रुप से दो स्टॉक एक्सचेंज हैं जहां शेयरों की खरीद-बिक्री होती है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज एशिया की सबसे पुरानी जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दूसरी सबसे बड़ी स्टॉक एक्सचेंज है।
इसके अलावा मल्टीमीडिया कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) और नेशनल कमोडिटी और डेरिवेटिव एक्सचेंज (NCDEX) नाम की दो स्टॉक एक्सचेंज है जहां कमोडिटी(वस्तुओं) की खरीद-बिक्री की जाती है। स्टॉक एक्सचेंज के बाद आपको इसके इंडेक्स(सूचकांक) के बारे में भी पता होना चाहिए।
शेयर मार्केट इंडेक्स
सेंसेक्स और निफ्टी भारतीय स्टॉक एक्सचेंज के दो लार्ज कैप इंडेक्स (सूचकांक) हैं। सेंसक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स जिसमें मार्केट की टॉप 30 कंपनियां लिस्टेड होती हैं जबकि निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की इंडेक्स है जिसमें मार्केट की टॉप 50 कंपनियां लिस्टेड होती हैं।
सवाल उठता है कि शेयर मार्केट में कौन निवेश करता है और कैसे इसमें निवेश किया जाता है। इसका जवाब आसान है शेयर मार्केट में अलग-अलग कंपनियों के शेयर होते हैं जिनके प्राइस मार्केट के ट्रेंड के हिसाब से ऊपर-नीचे होते रहते हैं।
ट्रेडर और निवेशक इन्हीं शेयरों को खरीदकर मार्केट में निवेश करते हैं और प्राइस ऊपर जाने पर इसे बेच कर मुनाफा कमाते हैं।
कौन कर सकता है शेयर मार्केट में निवेश?
शेयर मार्केट में निवेश और ट्रेड करने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट का होना एकमात्र और अनिवार्य शर्त है। यदि आप एक डीमैट अकाउंट होल्डर हैं तो आप शेयर मार्केट में निवेश कर सकते हैं।
अब आपके सामने सवाल यह है कि डीमैट अकाउंट कहां और कैसे खुलवा सकते हैं तो इसके लिए आपको एक अच्छे स्टॉक ब्रोकर का चयन करना होगा। स्टॉक ब्रोकर का चयन करने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए।
स्टॉक ब्रोकर का चयन कैसे करें?
डीमैट अकाउंट की सेवा बैंक के अतिरिक्त मार्केट में मौजूद कई स्टॉक ब्रोकर प्रदान करते हैं। इसलिए सबसे जरूरी है कि एक अच्छे स्टॉक ब्रोकर का चुनाव जो फाइनेंशियन मार्केट की निगरानी करने वाली संस्था सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) में पंजीकृत हो।
इसके अलावा यदि आप शेयर मार्केट में नए हों तो फुलटाइम सर्विस ब्रोकर का ही चयन करें। फुलटाइम सर्विस ब्रोकर अपने ट्रेडर और निवेशकों को मार्केट सलाह भी देते हैं। इसके अलावा डिस्काउंट स्टॉक ब्रोकर भी होता है जो सलाह नहीं देता। ये केवल डीमैट अकाउंट खोलते हैं।
डीमैट के साथ ट्रेडिंग अकाउंट की भी आवश्यकता होती है और इसलिए जाने की कौन सा ब्रोकर आपको ये दोनों अकाउंट की बेहतर सेवीके देता है, लेकिन उससे पहले जाने की डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट में क्या अंतर है (difference between demat and trading account in hindi).
अब आगे बढ़ते और समझते है की डीमैट अकाउंट कितने प्रकार के होते है।
डीमैट अकाउंट के प्रकार
डीमैट अकाउंट तीन प्रकार के होते हैं।
- रेगुलर डीमैट अकाउंट- भारत में रहने वाले लोग जो शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं उसके लिए डीमैट अकाउंट का होना अनिवार्य है। बिना इसके शेयर मार्केट में निवेश संभव नहीं है।
- रिपेट्रीयबल डीमैट अकाउंट- भारत से बाहर रहने वाले लोग जो भारत के शेयर मार्केट में निवेश करना चाहते हैं उनके पास रिपेट्रीयबल डीमैट अकाउंट का होना अनिवार्य है।
- नॉन रिपेट्रीयबल डीमैट अकाउंट- ये रिपेट्रीयबल डीमैटअकाउंट की तरह ही होता है. दोनों में बस एक फर्क यह है कि नॉन रिपेट्रीयबल डीमैट अकाउंट होल्डर अपने फंड को विदेश में ट्रांसफर नहीं कर सकते जबकि रिपेट्रीयबल अकाउंच होल्डर ऐसा कर सकते हैं।
यदि आपके पास ऊपर दिए गए तीनों डीमैट अकाउंट में से जरुरत के हिसाब से कोई एक डीमैट अकाउंट है तो आप शेयर मार्केट में निवेश के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले इन सुझावों का अनुसरण करें।
निवेश से पहले इन बातों को ध्यान में रखें
शेयर मार्केट में निवेश कर पैसा सब बनाना चाहते हैं लेकिन उसमें से वही लोग सफल निवेशक के तौर पर अपनी पहचान बना पाते हैं जो एक तैयारी के साथ मैदान में उतरते हैं। इसलिए निवेश से पहले मार्केट के बारे में रिसर्च करें।
मार्केट के ट्रेंड को समझने की कोशिश करें। जिस कंपनी के शेयर में आप निवेश करना चाहते हैं उस कंपनी के ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में पढ़ें। पिछले 10 साल में कंपनी के परफॉर्मेंस देखें। कंपनी ग्रोथ रेट के बारे में जानें।
खास तौर से कंपनी ने मंदी के दौर में अपने आप को कैसे संभाला है यह कंपनी की ताकत और मार्केट में उसके स्टेबिलिटी को बताता है। निवेश करने से पहले निवेश की योजना बनाएं।
अपनी रणनीति पर कायम रहें मार्केट ट्रेंड के अनुसार उसमें बदलाव न करें। उतने ही पैसे मार्केट में लगाएं जिसका जोखिम आप बिना किसी दबाव के झेल सकते हैं। इन सुझावों का पालन कर आप शेयर मार्केट में अच्छा-खासा रिटर्न हासिल कर सकते हैं।
निष्कर्ष
शेयर मार्केट में निवेश भले ही निवेशकों को सबसे ज्यादा रिटर्न दे सकता है लेकिन इसमें जोखिम का खतरा भी सामान रूप से लागू होता है। इसलिए निवेश करने से पहले हमेशा मार्केट के दोनों पहलुओं पर नजर रखें।
जोखिम उठाने के बाद मार्केट छोड़ने से अच्छा है कि पहले से ही मार्केट के बारे में अधिक से अधिक जानें और तब ताकर शेयर मार्केट में उतरें। इससे न केवल आप अच्छा रिटर्न पा सकेंगे बल्कि मार्केट में एक सफल निवेशक के तौर पर अपनी पहचान बना पाएंगे।



