आजकल कई ट्रेडर्स इंट्राडे ट्रेडिंग करना चाह रहे हैं, क्योंकि इंट्राडे ट्रेडिंग उन्हें कम समय में ज़्यादा पैसा कमाने का मौका प्रदान करती है। लेकिन ज़्यादातर ट्रेडर्स शुरुआत में हे असफल हो जाते है, जिसका सबसे बड़ा कारण ज्ञान और समझ की कमी। तो अगर आप भी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने में इच्छुक है तो आइये बात करते है की इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करे?
अगर इंट्राडे ट्रेडिंग को सही तरह से किया जाए तो ये आपके आय का साधन बन सकती है। तो एक सही शुरुआत के लिए इंट्राडे ट्रेडिंग (intraday trading meaning in hindi) को अच्छे से समझे और ट्रेडिंग की शुरुआत करें।
शेयर मार्केट में इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे करे?
जैसे की हमने शुरुआत में बात की कि इंट्राडे ट्रेडिंग काफी ट्रेडर्स को अपनी ओर आकर्षित करती है। लेकिन बात जब सफलता हासिल करने की या शुरू करने की आए तो ट्रेडर्स का ट्रेडिंग को लेकर डर उन्हें पीछे कर देता है।
ज्ञान और समझ के कमी तो इसका कारण है ही, साथ ही बहुत से ट्रेडर्स को लगता है कि वह इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए काफी पैसो की ज़रुरत होती है।
लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है। इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए आप एक शेयर खरीद कर भी शुरुआत कर सकते हो, और बात आए इसमें सफलता प्राप्त करने की तो इसके लिए ज़रूरी है की आप कुछ बातों का विशेष ध्यान रखे जैसे की:
- अपने लक्ष्यों को निर्धारित करे और उसके अनुसार ही ट्रेड करे।
- लालच से दूर रहे।
- जिस भी स्टॉक में आप ट्रेड करना चाह रहे है उसके बारे में सही से रिसर्च करे।
- अपने जोखिमों को अच्छे से समझे।
- उतने ही पैसों से ट्रेड करे जितना नुक्सान आप ट्रेडिंग में उठा सकते है।
शुरुआती लोगों के लिए इंट्रा डे ट्रेडिंग फॉर्मूला?
- निवेश को कम करें।
- रोज के समाप्त होने पर हमेशा अपने व्यापार को समर्थन स्तर पर लाएं।
- मार्केट पर हमेशा नजर रखें।
- जब आप महसूस करें कि बाजार आपके पक्ष पर नहीं है, तो बाहर निकलें।
- एक समय में बहुत सारे बाजारों में न निवेश करें।
- आपके पास उपलब्ध पूंजी के आधार पर अपना बाजार चयन करें।
इस तरह से ट्रेड कर आप कम समय में हे स्टॉक मार्केट में ट्रेड कर काफी मुनाफा कमा सकते है।
तो आइये अब बात करते है कि मुनाफा कमाने के लिए इंट्राडे ट्रेडिंग कैसे सीखें?
ट्रेडिंग अकाउंट खोलें
अब ट्रेडिंग शुरू करने के लिए सबसे ज़रूरी है ट्रेडिंग अकाउंट का होना। हालांकि आपको सिर्फ इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए डीमैट अकाउंट की ज़रुरत नहीं होती है Choice के साथ आप 2-इन-1 अकाउंट खोल सकते है, जिसके लिए आपको कुछ ज़रूरी दस्तावेज जैसे की:
- पैन कार्ड
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- कैंसिल चेक
की ज़रुरत होती है।
अब बात करते है कि किस तरह से आप डीमैट अकाउंट खोल सकते है:
- Choice की वेबसाइट खोले और अपना नाम और मोबाइल नंबर की जानकारी दे।
- अब अपना पैन कार्ड नंबर और जन्मतिथि डाले
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भरकर उनको OTP के माध्यम से पुष्टि करे।
- ऊपर बताए गए दस्तावेज को अपलोड करे और NSDL e-sign में अपने आधार कार्ड का विवरण भरकर अकाउंट खोले।
इंट्राडे ट्रेडिंग एप को डाउनलोड करे
इंट्राडे ट्रेडिंग अकाउंट खोल ने के बाद , ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करना भी ज़रूरी है। आमतौर पर स्टॉकब्रोकर्स विविध प्रकार के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स अपने कस्टमर्स को उपलब्ध करवाते है जिनमें से आप कोई भी प्लेटफार्म का इस्तेमाल अपनी सुविधा अनुसार कर सकतें है।
Choice का Jiffy प्लेटफार्म आपकी सभी उम्मीदों पर खरा साबित होने वाला एक सुविधाजनक ट्रेडिंग प्लेटफार्म है।
आप इस एप को प्लेस्टोर अथवा एपस्टोरे से एंड्राइड और आएओइस के लिए डाउनलोड कर सकते है।
एप डाउनलोड होने के उपरांत , अपनी क्लाइंट ID का से आप इस एप में लॉगिन कर सकते है।
एक अच्छे ट्रेडिंग एप की पहचान इस बात से होती है कि वह एप आपके सभी अवसरों को ध्यान में रखकर कुशलतापूर्वक आपकी ट्रेडिंग को उचित अंजाम दे, और जिफ्फी एप आपको इसी तरह का अनुभव प्रदान करने में सक्षम है।
स्टॉक्स का चयन करे
इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता के लिए सबसे आवश्यक है सही स्टॉक्स का चुनाव। स्टॉक मार्किट में कईं साड़ी कंपनी है , तो यह निर्णय कैसे लिया जाए कि कौन-सा स्टॉक मुनाफा की तरफ ले जा सकता है ?
आप अपने स्टॉक्स का चुनाव निम्नलिखित सुझावों पर कर सकते है:
- हमेशा ऐसे स्टॉक्स पर नज़र रखें जो मिड-हाई वोलैटिलिटी के हों। यह स्टॉक्स ही एक मार्किट सेशन के दौरान उतार-चढ़ाव में रहकर मुनाफा कमाने का अवसर देते हैं। ध्यान रहे की आप बेहद हाई वोलेटाइल स्टॉक्स से दूरी बनाए रखे क्योकि यह नुक्सान का कारण भी बन सकते हैं।
- इस बात का ख़ास ध्यान रखे कि केवल ऐसे स्टॉक्स ही चुनें जिनमें पर्याप्त लिक्विडिटी हो। इसका यह फायदा है की ट्रेडर्स आसानी से इन स्टोक्स में एंटर और एग्जिट कर सकते है। अगर आपने ऐसा स्टॉक्स को चुना जिनकी कोई ख़ास लिक्विडिटी नहीं है, तो आप अपने मन चाहे कीमत पर आर्डर प्लेस नहीं कर पायेंगे।
- इंट्राडे ट्रेडिंग उन् स्टॉक्स में भी की जा सकती है जो ख़बरों में बने हुए हैं। कुछ विशेष प्रसंग जैसे फाइनेंसियल रिपोर्ट्स की घोषणा , मैनेजमेंट में बदलाव और इसी तरह की कोई भी खबर एक कंपनी के बारे में, उसके स्टॉक प्राइस पर सीधा असर दिखता है। इसलिए इन चीज़ों पर पैनी नज़र बनाए रखने से आप स्टॉक्स का चुनाव बेहतर ढ़ंग से कर पाएंगे।
इन सुझावों को पढ़कर अगर आपने स्टॉक्स का चुनाव कर लिया है तो उन्हें अब वॉचलिस्ट में डालकरउसमे इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकते है।
Jiffy एप का उपयोग कर आप कम से कम 5 वॉचलिस्ट बना सकते है।
Intraday Technical Analysis in Hindi
टेक्निकल एनालिसिस और इंट्राडे ट्रेडिंग एक-दूसरे पर आश्रित है। हालांकि टेक्निकल एनालिसिस की उपयुक्ता को लेकर बहस अब भी ट्रेडर्स के बीच जारी है, परन्तु इन्हे सिरे से खारिज करना भी सही नही।
जब कभी भी आप शार्ट-टर्म ट्रेडिंग के लिए स्टॉक्स खरीद रहे हों , तो उस समय आपकी मार्किट ट्रेंड्स की जानकारी ही आपके काम आती है जिसके लिए आप टेक्निकल एनालिसिस का इस्तेमाल कर सकते हैं जो विविद तकनीकों और संकेत सूचकों को ध्यान में रख ट्रेडिंग के संकेत उपलब्ध करवाता है।
मार्किट ट्रेंड्स के अतिरिक्त टेक्निकल एनालिसिस स्टॉक्स की कीमत और वॉल्यूम पर भी परिभाषित करना ज़रूरी है।
और इस का इस्तेमाल केवल स्टॉक्स के चुनाव में ही नहीं, बल्कि सही एंट्री और एग्जिट पॉइंट के फैसलों में किया जा सकता है।
स्टॉक्स को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया
स्टॉक्स के उपयुक्त चुनाव के उपरान्त भारी आती है उन्हें खरीदने या बेचने की। देखिये, लक्ष्य यह है की स्टॉक्स कम से कम दाम में खरीदा जाए और ज़्यादा से ज़्यादा दाम में बेचा जाए।
परन्तु यह वह एक मात्र रास्ता नहीं जिससे आप स्टॉक मार्किट में पैसा कमा सकें। आपके इसके विपरीत भी इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकते है।
जब भी मार्केट नीचे गिर रहा हो तो उस समय ट्रेडर पहले बेच कर बाद में खरीद सकते है, इस प्रक्रिया को शॉर्टिंग कहा जाता है।
स्टॉक्स में आसानी से ट्रेड करने के लिए, Jiffy एप में चुने हुए स्टॉक में Buy/Sell बटन पर क्लिक करे।

Buy/Sell पेज पर स्टॉक की मात्रा और प्राइस डाले।
नुक्सान को सीमित करने के लिए आप एडवांस आर्डर टाइप जैसे की स्टॉप-लॉस, कवर आर्डर और ब्रैकेट आर्डर का इस्तेमाल भी कर सकते है।
सभी प्राइस को डालने के बाद ट्रेड को कन्फर्म करें।
इंट्राडे ट्रेडिंग रणनीतियाँ
किसी भी नए काम को करने से पहले सही रणनीति बना लेना आवश्यक है। इंट्राडे ट्रेडिंग एक ट्रेडर को नित नए दिन कुछ न कुछ सिखाता है। इसलिए इंट्राडे ट्रेडिंग में एक रणनीति तैयार करके उसपर चलना बेहद ज़रूरी है।
अगर आप बार-बार अपनी रणनीति बदलते रहेंगे , तो आप उलझनों में फँसते चले जाएंगे और आपका कीमती ट्रेडिंग समय भी जाया हो जाएगा। इंट्राडे ट्रेडर कई रणनीतियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। चलिए बात करें कुछ ऐसी रणनीतियों का जो आपके लिए काफी लाभदायक साबित हो सकती है।
- मोमेंटम ट्रेडिंग रणनीति – मोमेंटम ट्रेडिंग वो ट्रेडिंग है जो मार्केट के बहाव को मद्देनज़र रखकर की जाए। इस ट्रेडिंग में , ट्रेडर्स तब खरीदतें हैं जब मार्किट ऊपर की ओर ट्रेंड कर रही हो और तब बेचते हैं जब मार्केट की गति थमने लग जाए। मोमेंटम ट्रेडिंग के लिए स्टॉक्स का चुनाव नवीनतम ख़बरों को ध्यान में रख भी किया जा सकता है।
- रेवेर्सल ट्रेडिंग रणनीति – रेवेर्सल ट्रेडिंग रणनीति आपको इस बात का संकेत देती है की कब मार्किट ट्रेंड विपरीत दिशा में मुड़ सकता है जिसका भरपूर इस्तेमाल कर ट्रेडर्स अपने फायदे के लिए कर सकते है। इस रणनीति का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए आप कुछ इंडीकेटर्स जैसे MACD और RSI को इसके साथ जोड़कर करें। और तो और आप इसमें अलग-अलग कैंडलस्टिक पैटर्न भी जोड़ सकते है।
- गैप और गो ट्रेडिंग रणनीति – यह रणनीति उन ट्रेडर्स के लिए उपयुक्त है जो शार्ट सेल्लिंग करते है। होता यह है की अगर स्टॉक्स के दाम पिछले दिन के मुकाबले में ज़्यादा हों , तो यह एक गैप अप कहलाता है। इसी तरह अगर स्टॉक्स के दाम पिछले इन के मुकाबले में कम दाम पर खुलें तो उसे गैप डाउन कहते हैं। आमतौर पे, स्टॉक्स में इस तरीके की गतिविधि का कारण किसी उस कंपनी से जुडी कोई नयी खबर से पैदा खलबली, भी हो सकती है।
यह तो बात हुई रणनीति की, परन्तु इन्हे छोड़ और भी कुछ ख़ास इंडीकेटर्स हैं जिनका ध्यान रखकर आप इंट्राडे ट्रेडिंग में अपने सफल होने के मौके को बढ़ा सकते है।
इंट्राडे ट्रेडिंग के इंडीकेटर्स
इंट्राडे ट्रेडिंग इंडीकेटर्स एक ट्रेडर को एंट्री और एग्जिट के समय को जानने के लिए काफी मदद करते है। इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए कई इंडीकेटर्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। वास्तव में , Jiffy के एप पर आप 100 से ज़्यादा इंडीकेटर्स का उपयोग आप अपने लाभ के लिए कर सकते है।
सामान्य तौर पर इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल में आने वाले कुछ इंडीकेटर्स निम्नलिखित है:
- RSI- RSI यानि (Relative Strength Indicator) एक ट्रेडर की मदद कर बताता है की मार्केट में क्या गतिविधि हो रही है आने वाले ट्रेंड के बारे में जानकारी प्रदान करता है। RSI इंडिकेटर का डिफ़ॉल्ट समय 14 होता है , और इसमें विभिन्नता भी आ सकती है। लेकिन, इंट्राडे के लिए बेस्ट RSI सेटिंग 5 से 11 के बीच मानी जाती है।
- मूविंग अवरेजिज़ – इंट्राडे ट्रेडर्स में मूविंग अवरेजिज़ काफी लोकप्रिय इंडिकेटर है। यह इंडिकेटर मार्किट की गतिविधि और सही स्टॉक का चुनाव करने में ट्रेडर की मदद करता है। प्राइस जब भी मूविंग एवरेज से ऊपर की ओर ट्रेंड कर रहा होता है तो ये आपके लिए एक बुलिश मार्केट का संकेत होता है, दूसरी तरफ, निचे ट्रेंडिंग प्राइस में आप शॉर्टिंग करने का निर्णय ले सकते हो।बेहतर रिजल्ट के लिए 9 पीरियड के EMA का इस्तेमाल करें।
- बोलिंजर बैंड्स – इंट्राडे ट्रेडिंग में सारा खेल वोलैटिलिटी का है , और इसी वोलैटिलिटी की परख के लिए बोलिंजर बंद आवश्यक है। मार्किट की वोलैटिलिटी की वजह से बैंड्स के बीच का अंतर कम-ज़्यादा होता रहता है और इस अंतर को मद्देनज़र रख ट्रेडर्स ट्रेडिंग से जुड़े निर्णय ले सकते है।
स्टॉप लोस्स का उपयोग

जैसे का हम ने कहा है , इंटरडे ट्रेडिंग में काफी अस्थिर स्टॉक्स का चुनाव ही लाभदायक है। परन्तु तब क्या होगा , जब मार्किट विपरीत परिस्थितियों और अनुकाल दिशा की और बढ़ जाए?
ऐसे में भारी नुक्सान से बचने के लिए ही स्टॉप लॉस का इस्तेमाल किया जाता है।
यहाँ पर अगर आपका स्टॉक प्राइस आपके विशेलषण से विपरीत दिशा की ओर जाता है तो वहाँ पर आपके तय किये हुए स्टॉप लॉस पर आर्डर लग जाएगा और आपको ट्रेड से होने वाले भारी नुक्सान से बचाएगा।
आप स्टॉप लॉस का चयन अपने जोखिम लेने की श्रमता और ट्रेडिंग की अवधि के हिसाब से कर सकते है।उदहारण के लिए , मान लीजिये आपने एक शेयर ₹110 प्रति शेयर के हिसाब से ख़रीदा अब आप उसमें ₹5 से ज़्यादा का नुक्सान नहीं चाहते तो इसके लिए आपको स्टॉप लोस्स ₹105 पर रखना होगा।
अगर शेयर प्राइस विपरीत दिशा की ओर बढ़कर ₹105 के निचे गिरता है तब भी आपका आर्डर ₹105 पर अपने आप लग जाएगा
उचित टाइम फ्रेम का उपयोग
चूँकि मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रहता है इसलिए इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए उचित टाइम फ्रेम (intraday trading time in Hindi) का उपयोग करना भी ज़रूरी है।
आप यह तो जानते होंगे की भारत में स्टॉक मार्किट सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 तक खुला रहता है, परन्तु इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सही समय क्या है?
इस में कोई दोराय नहीं कि आप अपने विश्लेषण और अनुभव से अपने निर्णायक समय पर ट्रेड कर सकते है। लेकिन विशेषज्ञों का यह मानना है की इंट्राडे ट्रेडिंग का सही समय मार्केट के खुलने के शुरुआत में यानी सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे के बीच आपको ज़्यादा मुनाफा प्रदान कर सकता है।
इसका सबसे बड़ा कारण है मार्केट की अस्थिरता।
मार्किट खुलने के पहले 15 मिनटों में स्टॉक्स पर ताज़ा व एक दिन पुरानी वाली ख़बरों का काफी असर नज़र आता है, जिसका ट्रेडर्स काफी लुत्फ़ उठा सकते।
मगर इस बात का भी ध्यान रहे की यह सब सुझावों का इस्तेमाल करना अनिवार्य नहीं है , वास्तव में ट्रेडर्स खुद-ब-खुद विश्लेषण कर अपना ट्रेडिंग का समय चुन सकते है।
निष्कर्ष
अगर आप भी अब इंट्राडे ट्रेडिंग में आने की सोच रहे है, तो आपको कुछ इंट्राडे ट्रेडिंग नियम का ख़ास ध्यान रखना होगा।
पहली बात यह की आपके पास एक ट्रेडिंग अकाउंट होना ही चाहिए। साथ ही साथ आपको मार्किट की ख़बरों पर ध्यान रखना होगा।
इसी के साथ टेक्निकल विश्लेषण करने की श्रमता को बढ़ाना भी आपके लिए ज़रूरी है। जैसे ही आप यह सब चीज़ें सीख जाएंगे, तो आप भी इंट्राडे ट्रेडिंग से अपनी आय को बढ़ा सकते है।
अभी इंट्राडे ट्रेडिंग की शुरआत करें और आज ही अपना डिमॅटअकाउंट खोलें !



